Page Nav

Grid

GRID_STYLE

True

TRUE

Hover Effects

TRUE

Pages

{fbt_classic_header}

Breaking News:

latest

advertisement

Massage for you

दोस्तों, अब आपके लिए एक नया ब्लॉग मैंने अपडेट कर दिया है। इस ब्लॉग में आप सिर्फ शारदा सिन्हा जी के गाए हुए गाने ही सुनेंगे। उनके गाए गीत भोजपुरी व मैथिली दोनों ही भाषाओं के साथ हिन्दी फिल्मों में गए गीत भी शामिल रहेंगे। साथ ही साथ इस पेज पर स्पेशल रूप से विवाह गीतों की एक अलग श्रृंखला भी दी जाएगी जिसमें शादी विवाह में गाए जाने वाले विभिन्न मिजाज व मूड के गाने आप सुन सकेंगे। फिलहाल इस ब्लॉग का लिंक इस प्रकार है: https://shardasinhageet.blogspot.com/


Friends, now I have updated a new blog for you. In this blog you will only listen to the songs sung by Sharda Sinha ji. Along with the songs sung by him in both Bhojpuri and Maithili languages, songs sung in Hindi films will also be included. Along with this, a separate series of marriage songs will also be specially given on this page, in which you will be able to listen to the songs of different moods and moods sung in marriage marriage. Currently the link of this blog is as follows: https://shardasinhageet.blogspot.com/

Ads Place

चंद्रमा उतरल गगन सं Chandrama Utral Gagan Sa

एल्बम - सनेस (Album: Sanesh) गायक - हेमकांत झा (Singer: Hemkant Jha) गीतकार- पारंपरिक  ( Lyrics: Traditional) म्यूजिक - सरोज मिश्री (...






















एल्बम - सनेस (Album: Sanesh)
गायक - हेमकांत झा (Singer: Hemkant Jha)
गीतकार- पारंपरिक  ( Lyrics: Traditional)
म्यूजिक - सरोज मिश्री (Music: Saroj Mishri)
लेबल: नीलम मैथिली (Lable: Neelam Maithil)

चंद्रमा उतरल गगन सं
चांदनी कें जगाओ यो....
चंद्रमा उतरल गगन सं
चांदनी कें जगाओ यो....

रंग रग सठ रागिनी
मिलन केर मधुयामिनी
रंग रग सठ रागिनी
मिलन केर मधुयामिनी
आसमान में आय करिए
पिया सं नेह लगाओ यो
आसमान में आय करिए
पिया सं नेह लगाओ यो
चंद्रमा उतरल गगन सं
चांदनी कें जगाओ यो....

किरन के रसधार में
स्वप्न केर संसार में
किरन के रसधार में
स्वप्न केर संसार में
ज्योति बरसे आय रिमझिम
ज्योति बरसे आय रिमझिम
चाहू त दूधे नहाओ यो
चंद्रमा उतरल गगन सं
चांदनी कें जगाओ यो....

केहन अप रूप ई
अछि सिंगार अनूप ई
केहन अप रूप ई
अछि सिंगार अनूप ई
पान पान मखान सोभित
मैथिलि के जगाओ यो
पान पान मखान सोभित
मैथिलि के जगाओ यो
चंद्रमा उतरल गगन सं
चांदनी कें जगाओ यो....





No comments


Your Choice Here

close