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Sunday, May 21, 2017

आजु नाथ एक व्रत महा सुख


गायक : ज्ञानेश्वर दुबे
फिल्म : कखन हरब दुख मोर
गीतकार : विद्यापति
संगीतकार : ज्ञानेश्वर दुबे, सुरेश आनंद


सा नि सा रे सा नि सा रे सा ध नि प म प  ध नि रे सा
मपध धनि प मपसारे निसारे धनि प मप मगमरे सा गा
सा नि सा रे सा नि सा रे सा ध नि प म प  ध नि रे सा
आजु नाथ एक व्रत महा सुख 
आजु नाथ एक व्रत महा सुख 
लागत हे .
तोहें सिव धरु नट वेष कि 
डमरू बजाएव हे.
आजु नाथ एक व्रत महा सुख 
आजु नाथ एक व्रत महा सुख 
लागत हे .
तोहें सिव धरु नट वेष कि 
डमरू बजाएव हे.
आजु नाथ एक व्रत महा सुख 
आजु नाथ एक व्रत महा सुख 
लागत हे .

तोहें गोरी कहे छना छब हम कोना नाचब हे
चारि सोच मोहि होय कौन विधि बांचव हे .
अमिय चुमिय भूमि खसत बघम्बर जानत हे .
होत बघम्बर बाघ बसहा धरि खायत हे .

सिर सौं ससरत सांप भूमि लोटायत हे .
कार्तिक पोसल मजूर सेहो धरि खायत हे .
जटा स छिलकत गंग भूमि पर पाचत हे
होय तो सहस्त्र मुखी धार समेत रुन जायत हे

मुंडमाल टूटी खसत मसानी जानत हे
तोहें गोरी जैबा पराय नाचके देखत हे
भनहि विद्यापति गाओल गावि सुनाओल हे
राखल गोरी के मान चारू उपजाओल हे
आजु नाथ एक व्रत महा सुख 
आजु नाथ एक व्रत महा सुख 
लागत हे .
तोहें सिव धरु नट वेष कि 
डमरू बजाएव हे.
आजु नाथ एक व्रत महा सुख 
आजु नाथ एक व्रत महा सुख 
लागत हे .






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