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Monday, November 19, 2018

चाहे पैंया पड़ चाहे नाक रगड़





गायक : आरती मुखर्जी 

एलबम : गंगा घाट

गीतकार: राजपति

संगीतकार :  नदीम श्रवण

म्यूजिक कंपनी : सारेगामा





चाहे पैंया पड़ 

चाहे पैंया पड़ चाहे नाक रगड़

चाहे पैंया पड़ चाहे नाक रगड़

हम ते अंगुरी पे तोहके नचौबे रसिया

धीरे से पतरी कमर लचकैबै त

ओ धीरे से पतरी कमर लचकैबै त

धरती पर स्वर्ग दिखैबे रसिया

चाहे पैंया पड़ चाहे नाक रगड़

चाहे पैंया पड़ चाहे नाक रगड़



अखियन में कजरा  माथे पे बिंदिया

होठवा से झुमै ललैया,

घुंघटवा उठाइब नजरिया ज मारब

घुंघटवा उठाइब नजरिया ज मारब

तो करिबै हमरी  गोहरैया

हटवा ना आइब बाजार जारा  पुछित 

हटवा ना आइब बाजार जारा  पुछित 

हंस हंस के तोहके नचैबे रसिया

चाहे पैंया पड़ चाहे नाक रगड़

चाहे पैंया पड़ चाहे नाक रगड़



गलवा में गोदना भरपूर जोबना

खनके कलैया में कंगना

पांव की पायलिया करे जब छम छम

पांव की पायलिया करे जब छम छम

आइब बलम हमरे अंगना

पास नाहीं आइब  सारी रातिया जागइब

तोहे बतियन से अपनी ठुनकैबे रसिया

चाहे पैंया पड़ चाहे नाक रगड़

हो चाहे पैंया पड़ चाहे नाक रगड़

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