Kahan Se Chali Ayilo He Radhika Is Bhojpuri/Angika Album (Lagan Bahar Doliya Kahar Part-3) Full Lyrics Sung By Sunil Chhaila Bihari,...
Kahan Se Chali Ayilo He Radhika Is Bhojpuri/Angika Album (Lagan Bahar Doliya Kahar Part-3) Full Lyrics Sung By Sunil Chhaila Bihari, Anuradha Paudwal, Tripty Shakya. This Song Is Written By Sunil Chhaila Bihari, Rama Mausam While Music Composed By Sunil Chhaila Bihari. It’s Released By T-series.
Album: Lagan Bahar Doliya Kahar Part-3 (एल्बम: लगन बहार डोलिया कहार पार्ट-3)
Singer :- Sunil Chhaila Bihari, Anuradha Paudwal, Tripty Shakya ( गायक: सुनील छैला बिहारी, अनुराधा पौडवाल व तृप्ति शाक्या)
Lyricist :- Sunil Chhaila Bihari, Rama Mausam (गीतकार: सुनील छैला बिहारी व रामा मौसम)
Music :- Sunil Chhaila Bihari (संगीतकार: सुनील छैला बिहारी)
Music Arranger: Surendra Kohali (म्यूजिक अरेंज: सुरेन्द्र कोहली)
Label :- Tseries (लेबल: टी-सीरीज)
कहां से चली आइलो हे रधिका
कहां से चली आइलो हे रधिका
कहां लगबो अंग हो लाल
कहां से चली आइलो हे रधिका
कहां लगबो अंग हो लाल
कौने बाबा दरवजबा हे रधिका
बाजै छै मृंदग हो लाल
कौने बाबा दरवजबा हे रधिका
बाजै छै मृंदग हो लाल
मथुरा से चली अइलो रे मलहा
मथुरा से चली अइलो रे मलहा
गोकुला लगबै अंग हो लाल
मथुरा से चली अइलो रे मलहा
गोकुला लगबै अंग हो लाल
सभे बाबा दरवजाबा रे मलहा
बाजै छै मृदंग हो लाल
सभे बाबा दरवजाबा रे मलहा
बाजै छै मृदंग हो लाल
कहां धरबै दही रे मटुकिया
कहां धरबै दही रे मटुकिया
कहां धरबै पग सिर हो लाल
कहां धरबै दही रे मटुकिया
कहां धरबै पग सिर हो लाल
कथि चढ़ी हम पार उतरबै
सांकर जमुना तीर हो लाल
कथि चढ़ी हम पार उतरबै
सांकर जमुना तीर हो लाल
सिका धरब दही रे मटुकिया
सिका धरब दही रे मटुकिया
तोर माथे पग सिर हो लाल
सिका धरब दही रे मटुकिया
तोर माथे पग सिर हो लाल
नैया चढ़ाय हम पार उतारब
सांकर जमुना तीर हो लाल
नैया चढ़ाय हम पार उतारब
सांकर जमुना तीर हो लाल
केना के नदिया टपभो हे रधिका
केना के नदिया टपभो हे रधिका
जोर से उठलै लहर हो लाल
केना के नदिया टपभो हे रधिका
जोर से उठलै लहर हो लाल
सगरे छै सुनसान हे रधिका
के सुनतो तोर पुकार हो लाल
सगरे छै सुनसान हे रधिका
के सुनतो तोर पुकार हो लाल
कीमत त हुं सोचिहें रे मलहा
कीमत त हुं सोचिहें रे मलहा
राधा छै असकर हो लाल
कीमत त हुं सोचिहें रे मलहा
राधा छै असकर हो लाल
सातों भैया गोपीचंद ठार छै
ओय पार हो लाल
सातों भैया गोपीचंद ठार छै
ओय पार हो लाल
सगरे छै सुनसान हे रधिका
के सुनतो तोर पुकार हो लाल
सातों भैया गोपीचंद ठार छै
ओय पार हो लाल
सगरे छै सुनसान हे रधिका
के सुनतो तोर पुकार हो लाल
सातों भैया गोपीचंद ठार छै
ओय पार हो लाल

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