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Saturday, July 31, 2010

जइसे बगलवाली से जान छुटल

जइसे बगलवाली से जान छुटल
सामने वाली से नैना चार हो गइल
एक दिना में टक्कर तेरह बार हो गइल
पल भर में बदलल बदलल संसार हो गइल


ऊ धीरे से हंस के नैना झुका लिहली-२
उनके खातिर बीच मुहल्ला मार हो गइल........
रंग मत पूछी कोरे कोर
गोरे गोरे पे तिल काली काली
मय से भरल जइसे छलकत हो प्याली
सोचते रही तबले ऊ पूछ दिहल
लागत बा तोहरा के कोई से प्यार हो गइल............
आही दादा फेर हमरा बोखार हो गइल-२
उनका एक अदा पे बेकरार हो गइल,
सामने...............
हाल मत पूछी ऊ जुल्मी जवानी के-२
लम्बी लम्बी केश जिंस टी शर्ट निशानी के-२
वर्णन करी कइसे चेहरा के पानी के-२
रात भर न उनहु के लागल उंघाई-२
भोरे हरिअर ड्रेस में तैयार हेा गइल,
पल..................
फिर त छत से कूदे के विचार हो गइल......................
आज काल करते सप्ताह बितल छन में-२
काल्ह त कही देब ठान लेली मन में
रातकर बीतल सपन में चमन में-२
भिनसरे जगली त भीड़ रहे लागल
पता चलल उ कोई संगे फरार हो गई-२
जियरा में घाव बरिचार हो गइल
ना जाने ऊ प्रीत के कइसन सिला दिहली,
पलभर में बदलल बदलल संसार हो गईल......................
अब गाना देखें

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