Searching...
Tuesday, April 28, 2015

कखन हरब दुख मोर, हे भोला नाथ....

कखन हरब दुख मोर, हे भोला नाथ....
कखन हरब दुख मोर
कखन हरब दुख मोर, हे भोला नाथ....
कखन हरब दुख मोर

दुख ही जनम भेल दुख ही गमाएब
दुख ही जनम भेल दुख ही गमाएब
सुख सपनहू नहीं भेल हे भोला नाथ
कखन हरब दुख मोर....

अछत चानन और गंगा जल
अछत चानन और गंगा जल
बेल पात तोही देब हे भोला नाथ
कखन हरब दुख मोर....

यही भवसागर थाह कतहु नहीं
यही भवसागर थाह कतहु नहीं
भैरव करू कर आए हे भोला नाथ..
कखन हरब दुख मोर....

भन विद्यापति मोर भोलानाथ गति
भन विद्यापति मोर भोलानाथ गति
देहू अभय बड़ मोहि हे भोलानाथ...
कखन हरब दुख मोर....

0 comments:

Post a Comment

loading...

advertisement

 
Back to top!