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Thursday, April 30, 2015

बड़ सुख सार पाओल तु अति रे

गायिका -- विंध्यवासिनी देवी

बड़ सुख सार पाओल तु अति रे
छोड़यित निकट नयन बहनी रे....
बड़ सुख सार पाओल तु अति रे
छोड़यित निकट नयन बहनी रे....

कर जोरी विनमय विमल तरंगे
कर जोरी विनमय विमल तरंगे
पुनि दरशन होय पुनमति गंगे
पुनि दरशन होय पुनमति गंगे
बड़ सुख सार....

एक अपराध छेमब मोर जानी
एक अपराध छेमब मोर जानी
परसल माय पाए तुअ पानी
बड़ सुख सार....

की करब जप तप जोग धियान
की करब जप तप जोग धियान
जनम कितारथ एक ही स्नाने
जनम कितारथ एक ही स्नाने
बड़ सुख सार....

भनही विद्यपति समदौऊ तोही
भनही विद्यपति समदौऊ तोही
अंत काल जनु बिसरह मोही
अंत काल जनु बिसरह मोही
बड़ सुख सार....

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