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Saturday, October 31, 2015

उगिहें सुरुज गोसैंया हो

गायिका : शारदा सिन्हा
छठी मैया


तोही बाबू दौड़वा ल जैह अरग दिलैह उगिहें सुरुज गोसैंया हो
अरग दिलैह बाबू निरमल होईह परी परी सुरुज के पैंइया हो
परी परी सुरुज के पैंइया हो
परी परी सुरुज के पैंइया हो

सासु मांगे बेटवा ननद मांगे भैया हो
सासु मांगे बेटवा ननद मांगे भैया 
माय के दमदवा जे बनिहैं सहैया
कोढिय़ा के कायवा के कंचन तू बनवला 
सब के करमिया तू ही ता जगवल, 
तू ही ता जगवल
बाजे आजू तोहरे बधैया हे छठि मैया
उगिहें सुरुज गोसैंया हो
अरग दिलैह बाबू निरमल होईह 
परी परी सुरुज के पैंइया हो
परी परी सुरुज के पैंइया हो

जप तप तोहरे जे कइली बरतिया हो
जप तप तोहरे जे कइली बरतिया
छठि के कहनियां कहे परबतिया 
सारी के दौउरवा, सूपली मऊनिया
लेल मोरे दीनानाथ आजू इ अरजिया
आजू इ अरजिया
रखिया तू ही अहिबतिया हे छठि मैया
उगिहें सुरुज गोसैंया हो
अरग दिलैह बाबू निरमल होईह 
परी परी सुरुज के पैंइया हो
परी परी सुरुज के पैंइया हो

सासु मांगे बेटवा ननद मांगे भैया हो
सासु मांगे बेटवा ननद मांगे भैया 
माय के दमदवा जे बनिहैं सहैया
कोढिय़ा के कायवा के कंचन तू बनवला 
सब के करमिया तू ही ता जगवल, 
तू ही ता जगवल
बाजे आजू तोहरे बधैया हे छठि मैया
उगिहें सुरुज गोसैंया हो
अरग दिलैह बाबू निरमल होईह 
परी परी सुरुज के पैंइया हो
परी परी सुरुज के पैंइया हो

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