]]>


Searching...
Wednesday, August 16, 2017

कोयल कमल कंठ झर झर




गायक : ममता राजे व साथी
फिल्म : कखन हरब दुख मोर
गीतकार :
संगीतकार : ज्ञानेन्द्र दुबे, सुरेश पंकज


एक त धिया बड़ सुकुमारी दूजे बाबू के दुलारी
तीसरे चलली पूजन गाम हे
कहां गेला किए भेला बाट रे बटोहिया
लेने जाहि पिया के संदेश हे
लौका जे लौके रामा बिजुरी जे चमके
पिया रहै छे परदेस हे

कोयल कमल कंठ झर झर कानैय कानैया सोलहो श्रृंगार
जखने ही बेटी बैसिल महफा खुज गेल नैना के धार
जेकरा अपन घर बुझली सब दिन भेलौ ओइस दूर
भरल सिमंड सुहाग होइया मांग भरल सेनुर

माई के कारुना देख क झैर गेल सूख गेल पीपर क पात
सब ठन छुटी कोना जुरायत रहि रहि ताकय बाट
देखि क हुक हुक प्रान करैया आंखि बाबुक के भेल मजबूर
भरल  सिमंड सुहागक होइया मांग भर सेनुर


0 comments:

Post a Comment

loading...

 
Back to top!
close
Snack Helmets are perfect for the big game!