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Friday, July 30, 2010

ऐ दरभंगिया भौजी अपन बहिनी से

बाड़ी रुप के खजाना कइली बाड़ी दिल दीवाना-३
कइसे ससुर जी से बात पटा दे ना,
ऐ दरभंगिया भौजी-२ अपन बहिनी से ब्याह करा द ना-२


मिली कुछो न दहेज पलंग टेबल कुसी मेज-३
होख राजी त बतिया बढ़ा देव हो
ऐ गंगा पार के देवर ऐ बनारसिया देवर,
एही लगन में शादी करा देम हो-२
हमके निदिया से अचके जगाए देवेली
खुले अंखिया त ओढऩी गिराए देवेली
करी कइसे उनके माना, जियरा भइलबा दीवाना-२
बात बढ़त नइखे, तू ही बढ़ा द ना

ए दरभंगिया भौजी................

बा चढ़ल जवानी बात बढ़के करी-३
रिश्ता अइसन बा त अंखिया लड़वे करी
पूरा होई अरमान राखी बतिया पे ध्यान-२
अपना हाथ पाते मउरी पेन्हा देम हो

ऐ बनरसिया देवर ऐही लगन............................

दिल के अरमान भउजी अब तोहरे पर बा-२
जान इमान सम्मान तोहरे पे बा
तोहर चिटठी पहुंचवली तोहके भइया से मिलवली
ना त लेके जाई भाग सोच का कही समाज
तोहरे हाथ बाटे इज्जत बचा ल न
ऐ......
अब गाना देखें

1 comments:

  1. शोभनम्
    उत्‍तमं काव्‍यम्


    ब्‍लाग जगत पर संस्‍कृत प्रशिक्षण की कक्ष्‍या में आपका स्‍वागत है ।

    http://sanskrit-jeevan.blogspot.com/ पर क्लिक करके कक्ष्‍या में भाग ग्रहण करें ।

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