Page Nav

Grid

GRID_STYLE

True

TRUE

Hover Effects

TRUE

Pages

{fbt_classic_header}

Breaking News:

latest

advertisement

Massage for you

दोस्तों, अब आपके लिए एक नया ब्लॉग मैंने अपडेट कर दिया है। इस ब्लॉग में आप सिर्फ शारदा सिन्हा जी के गाए हुए गाने ही सुनेंगे। उनके गाए गीत भोजपुरी व मैथिली दोनों ही भाषाओं के साथ हिन्दी फिल्मों में गए गीत भी शामिल रहेंगे। साथ ही साथ इस पेज पर स्पेशल रूप से विवाह गीतों की एक अलग श्रृंखला भी दी जाएगी जिसमें शादी विवाह में गाए जाने वाले विभिन्न मिजाज व मूड के गाने आप सुन सकेंगे। फिलहाल इस ब्लॉग का लिंक इस प्रकार है: https://shardasinhageet.blogspot.com/


Friends, now I have updated a new blog for you. In this blog you will only listen to the songs sung by Sharda Sinha ji. Along with the songs sung by him in both Bhojpuri and Maithili languages, songs sung in Hindi films will also be included. Along with this, a separate series of marriage songs will also be specially given on this page, in which you will be able to listen to the songs of different moods and moods sung in marriage marriage. Currently the link of this blog is as follows: https://shardasinhageet.blogspot.com/

Ads Place

बड़की पतोहिया के आरे पांचे पांचे ननका Badki Patohiya Ke Aare Panch Panch Nanka

This song is from the time when family planning was not widely publicized. In this song the poet says that the elder daughter-in-law has fiv...


This song is from the time when family planning was not widely publicized. In this song the poet says that the elder daughter-in-law has five children in a house. So the ninth child of the younger daughter-in-law is about to happen. In such a situation, how will the dharma work be done? How can such a mountainous life be cut on an earner? The broken bunk and broken door is telling its story. One child has a cloth on his body and the other is moving without clothes. Every year someone keeps getting some disease or the other, then from where will the money be saved. Every day weeps crying. Therefore, explain to everyone that there should not be more than two children.


फिल्म :  मोरी सजनी रे

गायक :  अजीत कुमार अकेला

गीतकार:  

संगीतकार: रवि डाटे



बड़की पतोहिया के आरे पांचे पांचे ननका

छोटी के नौ ठो पुरल जाता 

कैसे बांची धरमिया उमिर दादा

कैसे बांची धरमिया उमिर दादा

कैसे बांची धरमिया 

बड़की पतोहिया के पांचे पांचे ननका

छोटी के नौ ठो पुरल जाता 

कैसे बांची धरमिया उमिर दादा

कैसे बांची धरमिया उमिर दादा

कैसे बांची धरमिया 


एगो कमैया पर ऐसन फुटानी

टूटल मड़ैया बा टूटल पलानी

एगो कमैया पर ऐसन फुटानी

टूटल मड़ैया बा टूटल पलानी

परिवार लम्हर  परिवार लम्हर भइल जाता 

कैसे बांची धरमिया उमिर दादा

कैसे बांची धरमिया उमिर दादा

कैसे बांची धरमिया 


एगो के कपड़ा त एगो उघरले 

पढ़ले न लिखले बकरिया चरवले

एगो के कपड़ा त एगो उघरले 

पढ़ले न लिखले बकरिया चरवले

चौपट इ जिनगी चौपट इ जिनगी धंसल जाता 

कैसे बांची धरमिया उमिर दादा

कैसे बांची धरमिया उमिर दादा

कैसे बांची धरमिया


साले साले रोगवा में पैसा फुकावे

लिक िलक देहिया के देखे डेरावे

साले साले रोगवा में पैसा फुकावे

लिक िलक देहिया देखी डर लागे 

रोई रोई दिनवा रोई रोई दिनवा कटल जाता 

कैसे बांची धरमिया उमिर दादा

कैसे बांची धरमिया उमिर दादा

कैसे बांची धरमिया 


सबके बुझाई समझाई कहनवां

दुगो से अधिका न होईहें ललनवां

सबके बुझाई समझाई कहनवां

दुगो से अधिका न होईहें ललनवां

अधिक लाइहें अधिक लाइहें करत वादा

कैसे बांची धरमिया उमिर दादा

कैसे बांची धरमिया उमिर दादा

कैसे बांची धरमिया 


बड़की पतोहिया के आरे पांचे पांचे ननका

छोटी के नौ ठो पुरल जाता 

कैसे बांची धरमिया उमिर दादा

कैसे बांची धरमिया उमिर दादा

कैसे बांची धरमिया 

कैसे बांची धरमिया उमिर दादा

कैसे बांची धरमिया उमिर दादा

कैसे बांची धरमिया उमिर दादा

कैसे बांची धरमिया उमिर दादा




यह गीत उस समय का है जब परिवार नियोजन का उतना ज्यादा प्रचार प्रसार नहीं था। इस गीत में कवि कहता है कि एक घर में बड़ी बहू के पांच पांच बच्चे हैं। तो छोटी बहू के नौवीं संतान होने को है। ऐसे में कैसे धर्म कर्म होगी। एक कमाई करने वाले पर इस तरह की पहाड़ वाली जिंदगी कैसे कटेगी। टूटी चारपाई व टूटा दरवाजा इसकी कहानी कह रहा है। एक बच्चे के शरीर पर कपड़ा है तो दूसरा बिन कपड़े का घूम रहा है। हर साल किसी को कोई न कोई  बीमारी होती ही रहती है फिर पैसे कहां से बचेगी। हर दिन रोते रोते कटता है। इसलिए सबको समझाओ कि दो से अधिक बच्चे न हो। 

No comments


Your Choice Here

close