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Friday, July 30, 2010

ऐ गुड्डी ढेर भइल चोरवा सिपहयिा

ऐ गुड्डी ढेर भइल चोरवा सिपहयिा
रोक जज्बात आपन छेक मत रहिया-२
अब हाली बोल भेंट होई कहिया-२
ऐ गुड्डी..................


प्यार बिना जिनगी बेकार बा... अच्छा
दिलवा के कोठारी अन्हार बा....अच्छा
चार बजे अइह आपन छत पर
तोहसे बतियावे के विचार बा....ठीक बा
गाड़ी प्यार के खरीद बिन पहिया-२

ऐ गुड्डी...................

जब रहलु सोरह बरिस के अच्छा
तोहरा के देखली करीब से आए हाय
आजो ई दिवाना तैयार बा
भले होई गइलू पचीस के
कब खाइब तोहरा हथवा के दहिया-२

ऐ गुड्डी...............

याद कर भेंट कालेज के अच्छा
मैसेज देले रहलु सहेज के जी
सावन के इयाद कर संझिया
बोलबलु निधिया के भेज के
कइसे होलिया में फेकलु सिअहिया-२

ऐ गुड्डी..............
अब माफ......................

अब गाना देखें


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