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Sunday, May 10, 2015

देवर तनी देहिया पर डाल द रजाई


गायक--भरत शर्मा व्यास
आ-------------------
नैन कटारी से छुरी हो गइल
नैन कटारी से छुरी हो गइल
रूप के दुनिया पुजारी हो गइल
रूप के दुनिया पुजारी हो गइल
के हूं नजरिया में आके बस गइल
त जानिह प्रेम के बेमारी हो गइल-

अरे पियवा सिवान से
पिया सिवान से अन्हार भइले आइल
देवर तनी देहिया पर डाल द रजाई
देवर तनी देहिया पर डाल द रजाई
पिया सिवान से अन्हार भइले आइल
देवर तनी देहिया पर डाल द रजाई

कन्हवे से सगरी 
कन्हवे से सगरी 
कन्हवे से सगरी बदनिया पिरात बा
उठेला दरद नहीं तनिको फिरात बा
पियवा को इचिको
पियवा को इचिको ना कन्हियो बुझाई
देवर तनी देहिया पर डाल द रजाई

कुछऊ आराम मिली
कुछऊ आराम मिली
कुछऊ आराम मिली
पास तनि अइ त
जारा बड़ा लागे हमरा तनि गरमइत
धीरे धीरे दिहित
धीरे धीरे दिहित
धीरे धीरे दिहित
धीरे धीरे दिहित
कमरिया दबाई
देवर तनी देहिया पर डाल द रजाई

सोखा चाहे ओझा
सोखा चाहे ओझा
के सोझा बुलाई द
कइसन बेमारी बा तनि झरवाई द
सूट नहीं करेला
सूट नहीं करेला
सूट नहीं करेला
सूट नहीं करेला
अंगरेजी दबाई
देवर तनी देहिया पर डाल द रजाई

केतना जबानी 
केतना जबानी 
केतना जबानी 
दे आइल जवानी 
कहके भरत के बोलाई दिदि तराई
हमके अकेले
हमके अकेले
ना आबे उन्घाई
देवर तनी देहिया पर डाल द रजाई
पिया सिवान से अन्हार भइले आइल
देवर तनी देहिया पर डाल द रजाई

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