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Friday, May 8, 2015

जैसे रोज आवेलू तू टेर सुनि के


फिल्म : गंगा किनारे मोरा गांव
गायक : मो. अजीज, साधना सरगम
गीतकार : लक्ष्मण सहाबादी
संगीतकार : चित्रगुप्त



जैसे रोज आवेलू तू टेर सुनि के
अइयो रे निंदिंया निंदर वन से
जैसे रोज आवेलू तू टेर सुनि के
अइयो रे निंदिंया निंदर वन से

बड़ा होके सोनर ललन राज करिहें
हीरा मोती लोगवा दिन रात खेलिहें
घरवा भरल रहे अन्न धन से
घरवा भरल रहे अन्न धन से
अइयो रे निंदिंया निंदर वन से

का होई मुंगवा हो का होई मोतिया
हमरा त चाही बस तोहरी ही गोदिया
का होई मुंगवा हो का होई मोतिया
हमरा त चाही बस तोहरी ही गोदिया
रखिह लगाक मोहे छतियन से
रखिह लगाक मैया छतियन से
पूजा करब तोहरे चरनन की
पूजा करब तोहर चरनन की


तोहरे ही अंचरा में पाए सुख चैनवा
निखरे सपनवा में घुल जाला रैनवा
तोहरे ही अंचरा में पाए सुख चैनवा
निखरे सपनवा में घुल जाला रैनवा
रखिह लगाक मोहे छतियन से
रखिह लगाक मैया छतियन से
पूजा करब तोहरे चरनन की
पूजा करब तोहर चरनन की

जैसे रोज आवेलू तू टेर सुनि के
अइयो रे निंदिंया निंदर वन से
जैसे रोज आवेलू तू टेर सुनि के
अइयो रे निंदिंया निंदर वन से


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