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Tuesday, July 7, 2015

बाहरे से बाहर जीजा दिदिया एहिजे बारी


गायक : मनोज तिवारी मृदुल
अरे बाहरे से बाहर जीजा
अरे बाहरे से बाहर हो जीजाजी हो
अइह ससुरारी काहे कि दिदिया एहिजे बारी
लिखी दिह घरवा कवनो गारी
दिदिया एहिजे बारी
अरे बाहरे से बाहर जीजा
अरे बाहरे से बाहर हो जीजाजी हो
अइह ससुरारी काहे कि दिदिया एहिजे बारी
लिखी दिह घरवा कवनो गारी
दिदिया एहिजे बारी

दीदी के संगे हम देखत बानी रस्ता
तंच कइले बानी जीजा तोहरो व्यवस्था
तंच कइले बानी जीजाजी तोहरो व्यवस्था
खाली बाटे भौजी वाली
खाली बाटे भौजी वाली
बीचली कोठारी, दिदिया एहिजे बारी
लिखी दिह घरवा कवनो गारी
दिदिया एहिजे बारी

एकरे बहाना होई हमरो से भेंट हो
सखी घर मंगला आपन कइले बानी सेट हो
सखी घर मंगला आपन कइले बानी सेट हो
दिन रात सेवा होई.. अरे
दिन रात सेवा होई जीजा पारा पारी
दिदिया एहिजे बारी
लिखी दिह घरवा कवनो गारी
दिदिया एहिजे बारी

चाहे घरे भैया होखिंह चाहे बाबू काका
बाकी तोहरा खातिर जीजा मिल जइहैं फांका
बाकी तोहरा खातिर जीजा मिल जइहैं फांका
परदा लगावल रही 
परदा लगावल रही 
दिन भर दुआरी, दिदिया एहिजे बारी
लिखी दिह घरवा कवनो गारी
दिदिया एहिजे बारी

जबले ना दीदी हमर दिहें परमीशन
जबले ना दीदी 
जबले ना दीदी 
जबले ना दीदी हमार दिहें परमीशन
तबले ना गारी धरे जाए देब टेशन
तबले ना गारी धरे जाए देब टेशन
अजुवे से कर शिव पूरी तैयारी
दिदिया एहिजे बारी
लिखी दिह घरवा कवनो गारी
दिदिया एहिजे बारी
बाहरे से बाहर हो जीजाजी हो
अइह ससुरारी काहे कि दिदिया एहिजे बारी
लिखी दिह घरवा कवनो गारी
दिदिया एहिजे बारी

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