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तोरा बिन नीक नहीं लागे रे संवरिया Tora Bin Neek Nahi Laage Re Sanwariya

A birahini is remembering her husband and saying that without you this world seems incomplete. This house, courtyard, market are all useless...




A birahini is remembering her husband and saying that without you this world seems incomplete. This house, courtyard, market are all useless. Till when will we see your way? Till now all the hopes of life are being shattered. Now you are the only one you see in all the East West North South.


फिल्म :  दुनिया बाटे माया के नगरिया

गायक :  मदन राय 

गीतकार:  पारम्परिक 

संगीतकार: 

लेबल: वेब म्यूजिक 



सुमिरन में मन लाइए जैसे कामी काम

एक पल बिसरे नहीं निसदिन आठो याम

अंगना दुआर सगरे अंगना दुआर सगरे

आरे महल अटरिया 

तोरा बिन नीक नहीं लागे रे संवरिया

तोरा बिन नीक नहीं लागे रे संवरिया

तोरा बिन नीक नहीं लागे रे संवरिया

अंगना दुआर सगरे अंगना दुआर सगरे

आरे महल अटरिया 

तोरा बिन नीक नहीं लागे रे संवरिया

तोरा बिन नीक नहीं लागे रे संवरिया

तोरा बिन नीक नहीं लागे रे संवरिया



होगी कहवां तोहरा के गोरिया संवरिया गोरिया संवरिया

होगी कहवां तोहरा के गोरिया संवरिया गोरिया संवरिया

आरे कवनि बिसा के धरि कवनि डगरिया

टुटल जाली जिनगी हो 

टुटल जाली जिनगी के पुजिया उमिरिया

तोरा बिन नीक नहीं लागे रे संवरिया

तोरा बिन नीक नहीं लागे रे संवरिया

तोरा बिन नीक नहीं लागे रे संवरिया


पुरवा पछिम से उत्तरा दखिनवा उत्तरा दखिनवा

पुरवा पछिम से उत्तरा दखिनवा 

धाई अइली छान मरली सगरे जहनवा

धाई अइली छान मरली सगरे जहनवा

भोर के उम्मीद में 

भोर के उम्मीद में 

आं आं आं आं आं आं आं आं आं आं 

भोर के उम्मीद में 

भोर के उम्मीद में 

सइल रात करिया

तोरा बिन नीक नहीं लागे रे संवरिया

तोरा बिन नीक नहीं लागे रे संवरिया

तोरा बिन नीक नहीं लागे रे संवरिया


का करि तोरा गौआं नाहीं आवेली बदरिया

का करि तोरा गौआं नाहीं आवेली बदरिया

सावन के झपसी बसंत के बयरिया

काहे तोरा गौआं नाहीं आवेली बदरिया

सावन के झपसी बसंत के बयरिया

भूल गइले पपिहा 

भूल गइले पपिहा 

गूंग भइल काेयलिया

तोरा बिन नीक नहीं लागे रे संवरिया

तोरा बिन नीक नहीं लागे रे संवरिया

तोरा बिन नीक नहीं लागे रे संवरिया



अबह त तोहरा बिना िदन आ रतिया िदन आ रतिया

आरे काहे कइल बारु तू बजर सा छतिया

छछनी छछनी भंवरा 

छछनी छछनी भंवरा मुहे फुलवरिया

तोरा बिन नीक नहीं लागे रे संवरिया

तोरा बिन नीक नहीं लागे रे संवरिया

तोरा बिन नीक नहीं लागे रे संवरिया





इस गीत में कवि कह रहा है कि: एक बिरहीनी अपने पति को याद करके कह रही है कि तुम्हारे बिना यह दुनिया संसार अधूरा लग रहा है। यह घर, आंगन, बाजार सभी बेकार है। कब तक हम तुम्हारी राह देखें। अब तक जिनगी की सारी आस ही टूटी जा रही है। अब तो पूरब पश्चिम उत्तर दक्षिण सभी दिखाओं में सिर्फ तुम ही तुम दिखते हो। 

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