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जागहु हे गंगा महरानी Jagahu Hey Ganga Maharani--Maithili Parati (पराती) Lyrics

Jagahu Hey Ganga Maharani Is Maithili Parati (पराती) Lyrics Song Sung By Kumkum Mishra . This Song Is Written By Traditional  While Music ...





Jagahu Hey Ganga Maharani Is Maithili Parati (पराती) Lyrics Song Sung By Kumkum Mishra. This Song Is Written By Traditional While Music Composed By RAJESH RECORDING STUDIO. It’s Released By Kumkum Mishra Youtube Channel.



एलबम : जागहु हे गंगा महरानी (Album: Jagahu Hey Ganga Maharani)

गायिका: कुमकुम मिश्रा (Singer: Kumkum Mishra)

गीतकार: पारंपरिक (Lyrics: Traditional)

संगीतकार: राजेश रिकॉर्डिंग स्टूडियो (Music: RAJESH RECORDING STUDIO)

लेबल: कुमकुम मिश्रा यूटयूब चैनल (Lable: Kumkum Mishra Youtube Channel)



जागहु हे गंगा महरानी 

जागहु हे गंगा महरानी 

तुम बिन अँखियाँ में नींद नहीं 

जागहु हे गंगा महरानी 

प्रात होत दरशन को आये 

प्रात होत दरशन को आये 

हे भागीरथी है मंदाकिनी 

जागहु हे गंगा महरानी 

जागहु हे गंगा महरानी 

तुम बिन अँखियाँ में नींद नहीं 

जागहु हे गंगा महरानी 


राम जागें लछुमन जागें 

जागें सिया महारानी 

राम जागें लछुमन जागें 

जागें सिया महारानी 

भक्त शिरोमणि हनुमत जागें 

भक्त शिरोमणि हनुमत जागें 

जागें चारों भाई 

जागहु हे गंगा महरानी 

जागहु हे गंगा महरानी 

तुम बिन अँखियाँ में नींद नहीं 

जागहु हे गंगा महरानी 



ब्रह्मा जागें विष्णु जागें 

जागें शंकर पार्वती 

ब्रह्मा जागें विष्णु जागें 

जागें शंकर पार्वती 

बड़े बड़े जोगी सब जागें

बड़े बड़े जोगी सब जागें

सूरत भजन में लागि रही 

जागहु हे गंगा महरानी 

जागहु हे गंगा महरानी 

तुम बिन अँखियाँ में नींद नहीं 

जागहु हे गंगा महरानी 


ध्रुव प्रह्लाद सुदामा जागें 

जागें सदन कसाई

ध्रुव प्रह्लाद सुदामा जागें 

जागें सदन कसाई

सुगा पढ़ावत गणिका जागी

सुगा पढ़ावत गणिका जागी

जागी मीराबाई 

जागहु हे गंगा महरानी 

जागहु हे गंगा महरानी 

तुम बिन अँखियाँ में नींद नहीं 

जागहु हे गंगा महरानी 


ब्रह्म कमंडल से गंगा निकली

हर की पेड़ी आयी

ब्रह्म कमंडल से गंगा निकली

हर की पेड़ी आयी

दो कर जोड़ी भगीरथ बोले

दो कर जोड़ी भगीरथ बोले

धन धन गंगा माई 

जागहु हे गंगा महरानी 

जागहु हे गंगा महरानी 

तुम बिन अँखियाँ में नींद नहीं 

जागहु हे गंगा महरानी 

प्रात होत दरशन को आये 

प्रात होत दरशन को आये 

हे भागीरथी है मंदाकिनी 

जागहु हे गंगा महरानी 

जागहु हे गंगा महरानी 

तुम बिन अँखियाँ में नींद नहीं 

जागहु हे गंगा महरानी 


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